सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन seo क्या होता है.

हेलो फ्रेंड्स
आज मैं आपको बताऊंगा कि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन seo क्या होता है. गूगल (google.com) इंटरनेट पर सारी वेबसाइट कई जानकारी रखता है. अगर आपकी वेबसाइट की ज्यादा रैंकिंग्स होगी तो आप की वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा विजिटर्स आएंगे. सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में वर्ड्स मैटर करते हैं. सर्च ऑपरेशन में टाइटल भी मैटर्स करते हैं किसी को अगर बुक्स के बारे में कुछ इंफॉर्मेशन चाहिए तो वह बुक से रिलेटेड कीवर्ड एंटर करेगा. कई जने क्या करते हैं वह अपनी वेबसाइट के कई सारे बैकलिंक्स बना देते हैं जो कि कहते हैं बोगस बैंक लिंक और अपनी वेबसाइट की रैंकिंग को ऊपर लाने के लिए वह बैकलिंक्स बनाते रहते हैं बनाते रहते हैं. जैसे ही आप गूगल पर कुछ सर्च करते हैं आपके आगे कई सारी वेबसाइट की लिस्ट आ जाती है. गूगल पर जो भी पहले पेज पर गूगल के सर्च रिजल्ट्स आते हैं लोग खाली उसे ही देखते हैं यह रिसर्च से साबित हो गया है कि करीब 9:00 ब्लॉक गूगल पर जो भी पहले पेज पर रिजल्ट्स आते हैं उन्हीं को खोलते हैं. और रिसर्च चाहिए भी सामने आया है कि दुनिया में 63 पर्सेंट लोग टॉप फ्री वेबसाइट को ही खोजते हैं.

इसलिए आपको वेबसाइट को ऊपर लाने के लिए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करना है जरूरी होता है किसी को भी कहते हैं.
यानी कि seo एक ऐसी प्रोसेस है जिसके द्वारा आप अपनी वेबसाइट की रैंकिंग को गूगल के फर्स्ट पेज पर ला सकते हैं.
अगर आपकी वेबसाइट गूगल के टॉप 3 रिजल्ट्स में आ गई तो लोग ज्यादा से ज्यादा आपकी वेबसाइट को क्लिक करेंगे.
अगर आपकी वेबसाइट गूगल के टॉप्स रिजल्ट्स में नहीं है तो आप 90% से ज्यादा ट्रैफिक kho रहे हैं.
क्या आपने कभी सोचा है जब आप गूगल पर जाकर अपना कीवर्ड डालकर कुछ सर्च करते हैं तो पहले पेश की वेबसाइट पर और दूसरी पेज की वेबसाइट पर फर्क क्यों होता है.

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर एक पेज की रैंकिंग होती है. जिस वेबसाइट की रैंकिंग अच्छी होगी वह ज्यादातर ऊपर की तरफ होगी. उसे हम पेजरैंक भी कहते हैं. पहले क्या होता था जब इंटरनेट का शुरू शुरू में अविष्कार हुआ था तो क्या होता था लोग अपनी वेबसाइट पर कि वह डाल देते थे और जिस वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा keywords होते थे वह सबसे ऊपर आती थी लेकिन 1996 में यह बदला गया. गूगल के दो वर्कर्स लैरी पेज एंड सेर्गेइ ब्रिन ने कुछ नया परिवर्तन लाया कि कि keywords सब कुछ नहीं है. लैरी पेज और सेर्गेइ ब्रिन ने यह अविष्कार किया कि अगर कोई भी वेबसाइट पर दूसरी वेबसाइट का लिंक है और वह तो वह अपने आप ऊपर के सर्च रिजल्ट्स में आ जाएगी. अभी भी थोड़ा बहुत कीवर्ड मैटर करता है लेकिन ज्यादा से ज्यादा बैकलिंक्स ही तवज्जो दी गई है. कीवर्ड रेलीवेंसी होना बहुत जरूरी है. मान लीजिए आप की वेबसाइट है मूवी थिएटर्स के बारे में. तो आपको वेबसाइट में जितने भी रिलेटेड कीवर्ड्स है लाइक मूवी थिएटर, सिनेमा हॉल ,बेस्ट मूवी ,गुड मूवी इन थिएटर, इनकी कीवर्ड्स ko हम रिलेटेड कीवर्ड कहते हैं.

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